Balrampur : भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सम्मिलित शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से बच्चों का होता है नैतिक, बौद्धिक एवं चारित्रिक विकास

बलरामपुर : गायत्री शक्तिपीठ बलरामपुर में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सम्मिलित शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए एक समारोह का आयोजन किया गया।
गायत्री शक्तिपीठ बलरामपुर में आयोजित सम्मान समारोह का शुभारंभ गायत्री वंदना के साथ किया। तत्पश्चात नगर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. केके राणा के द्वारा देव पूजन किया गया। मंदिर व्यवस्थापक सतीश मिश्र ने डॉ. केके राणा को अंगवस्त्र पहनाकर एवं साहित्य देकर सम्मानित किया।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, बलरामपुर के उप संयोजक शिव कुमार कश्यप ने 2024-25 का प्रगति रिपोर्ट कार्ड और आगामी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा से बच्चों का नैतिक, बौद्धिक एवं चारित्रिक विकास होता है।
बसंत लाल स्मारक इंटर कालेज बालापुर के व्यवस्थापक वैभव गोयल ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा कार्यक्रम को और विस्तार कैसे हो, इस पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
एनसीसी, बलरामपुर के मेजर ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा/गायत्री परिवार मिशन के बारे में अपने विचार प्रकट किए।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, बलरामपुर के जिला संयोजक गुलाब चंद भारती ने कहा कि बच्चे अपने जीवन में शिक्षा के साथ साथ विद्या एवं संस्कार को स्थापित करें एवं अपने जीवन का नैतिक, चारित्रिक एवं आध्यात्मिक विकास करें, इसके लिए इस तरह की परीक्षाएं कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति महान है जो हमें वसुधैव कुटुंबकम की प्रेरणा देती है। उन्होंने नैतिक शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में विद्यालयों में शामिल करने पर बल देते हुए परीक्षा के आयोजकों की प्रशंसा की एवं आगामी भविष्य में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को भाग लेने के लिये कहा।
सात वर्षीय नमो कश्यप ने माता तेरे चरणों में वंदना गीत प्रस्तुत करके सभी का मनमोह लिया।
कार्यक्रम के संचालक दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि एक शिक्षक, एक छात्र, एक कलम और एक पुस्तक विश्व को बदलने की क्षमता रखता है।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस सम्मान समारोह में गायत्री शक्तिपीठ पचपेड़वा के मुख्य ट्रस्टी संजय जायसवाल, इमिलिया कोडर विद्यालय की रिशु, डिवाइन पब्लिक स्कूल के आशीष उपाध्याय, मॉडर्न स्कूल की प्रधानाचार्य, रानी मिश्रा, कल्पना शुक्ला, शिव कुमार कश्यप, सुनील वर्मा, राकेश साहू, कृष्ण कुमार कश्यप, नानबाबू, परिव्राजक राजकरण, राधे गोविंद गुप्ता, माता प्रसाद आदि उपस्थित रहे।