Nepal : ‘उज्यालो नेपाल जिंदाबाद’ नारा लगाते हुए हजारों लोगों ने कुलमान घीसिंग के समर्थन में किया प्रदर्शन
नेपाल सरकार ने एनईए के कार्यकारी निदेशक कुलमान घीसिंग को कर दिया है बर्खास्त, घीसिंग की बर्खास्तगी पर प्रचंड ने की सरकार की निंदा

काठमांडू डेस्क : नेपाल सरकार द्वारा नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक कुलमान घीसिंग को बर्खास्त किए जाने के विरोध में स्वतंत्र नागरिकों और युवाओं ने काठमांडू स्थित माइती घर मंडला में विरोध प्रदर्शन किया।
सोमवार की शाम नेपाल की राजधानी काठमांडू में मंत्रिपरिषद की बैठक में नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के कार्यकारी निदेशक कुलमान घीसिंग को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया था, जिसके बाद मंगलवार को आम जनता सहित सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं ने सरकार के इस फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कुलमान को बहाल करने की मांग की
काठमांडू स्थित माइती घर मंडला में हजारों की संख्या में एकत्र प्रदर्शनकारी अपने हाथों में ‘जाग गई जनता, अब बहुत हुआ’, ‘उज्यालो नेपाल जिंदाबाद’, ‘कुलमान घीसिंग जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल युवाओं ने कुलमान घीसिंग के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें फिर से पद पर बहाल करने की मांग की।
कुलमान घीसिंग बर्खास्तगी के फैसले के तुरंत बाद मंगलवार सुबह से ही रत्नपार्क स्थित नेपाल विद्युत प्राधिकरण कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
घीसिंग की बर्खास्तगी पर प्रचंड ने की सरकार की निंदा
माओवादी (केंद्र) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने कुलमान घीसिंग को हटाए जाने के सरकार के निर्णय पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस निर्णय को लेकर सरकार की निंंदा भी की है।
सोमवार की शाम प्रचंड ने अपने फेसबुक पेज में लिखा कि देश में जनता ने चरम लोड सेडिंग की मार को झेला है। उस समय में एक ऊर्जा विज्ञ के रूप में उन्होंने अपने नेतृत्व के सरकार में कुलमान को विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निर्देशक में नियुक्त किया था।
प्रचंड ने कहा है कि ‘घीसिंग के विज्ञता और क्षमता और उनके नेतृत्व के संयुक्त प्रयास से उजाले नेपाल का निर्माण करने में सफल हुए। ये जानकारी जन-जन में है। कुलमान को लेकर कुछ दिनों से सरकार अपना रुख बदल रही थी। कुलमान को बर्खास्त करने की खबर संचार माध्यम से पता चला। आशा करता हूँ कि ये खबर असत्य साबित हो। प्रचंड ने यह भी कहा कि यदि यह बात सत्य है तो सरकार ने बहुत ही गलत कदम उठाया है। यह निर्णय गलत और आपत्तिजनक है। मैं इस निर्णय का घोर निंदा करता हूँ।