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CM Yogi in Siddharthnagar : भगवान बुद्ध ने देश और दुनिया को करुणा और मैत्री का संदेश दिया, शिक्षा में किया जाने वाला निवेश और खर्च कभी व्यर्थ नहीं जाता : सीएम योगी आदित्यनाथ

डुमरियागंज क्षेत्र के भारतभारी के वृंदावन देवरिया में नवनिर्मित गुरु गोरक्षनाथ ज्ञानस्थली विद्यालय का सीएम योगी ने किया उद्घाटन

सिद्धार्थनगर डेस्क : सिद्धार्थनगर करुणा और मैत्री का संदेश देने वाली भगवान बुद्ध की पवित्र भूमि है। सनातन धर्म ने पुरातन काल से ही ज्ञान की आराधना की है। ज्ञान के लिए चारों ओर के मार्ग को खुला छोड़ देना चाहिए। ज्ञान ही हमारे जीवन के प्रगति के मार्ग को प्रशस्त कर सकता है। जीवन में किसी को ज्ञानवान बनाने से पवित्र कुछ नहीं हो सकता। उक्त बातें प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कही।

फीता काट कर विद्यालय का शुभारंभ एवं उद्घाटन करते सीएम योगी आदित्यनाथ 

विद्यालय का अनावरण करते सीएम

विद्यालय परिसर में बने गुरु गोरक्षनाथ की प्रतिमा का अनावरण करते सीएम योगी आदित्यनाथ

शुक्रवार की अपराह्न करीब 4 बजे उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का हेलीकाप्टर डुमरियागंज तहसील के नगर पंचायत भारतभारी स्थित वृंदावन देवरिया में नवनिर्मित गुरु गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली विद्यालय के पास बने हेलीपैड पर उतरा। वहां से वह कार द्वारा विद्यालय परिसर में पहुंचे। जहां पर उन्होंने शिलापट्ट का अनावरण और फीता काटकर विद्यालय का शुभारंभ व उद्घाटन किया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने विद्यालय परिसर में बने गुरु गोरक्षनाथ की प्रतिमा का अनावरण किया।

सीएम योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिन्ह भेंट करते पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह

सीएम योगी आदित्यनाथ को अंगवस्त्र भेंट करते पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह

शिक्षा में किया जाने वाला निवेश और खर्च कभी व्यर्थ नहीं जाता
सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में अराजकता चरम पर था, चारों तरफ असुरक्षा का वातावरण था। भाजपा सरकार आने के बाद पूरे प्रदेश का परिवेश बदला हुआ है। पिछले 10 वर्षों में लोगों ने बदलते हुए भारत को देखा है। आज का भारत, एक भारत और श्रेष्ठ भारत है। आज भारत, दुनिया का पिछलग्गू नहीं बल्कि दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा इसमें कोई संदेह नहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में लोगों के जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हो रहा है। विकास और विरासत एक नई पहचान के रूप में पूरे देश को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। एक नए भारत का दर्शन हो रहा है। नए भारत को हर व्यक्ति कौतूहल भरी निगाहों से देख रहा है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश अपने नेतृत्व के साथ खड़ा होता है तो 500 वर्षों की गुलामी की बेड़ियां टूटती हैं। इसके बदले में अयोध्या में राम मंदिर का भव्य स्वरूप दुनिया के सामने आता है। जब पूरा देश अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है, तो प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ देश और दुनिया के लोग आकर भारत के सामर्थ्य को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। नए भारत ने अपने सद्भाव और सौहार्द की ताकत का एहसास कराया है। बल, बुद्धि और वैभव में हम भले ही कितने भी सामर्थ्यवान हो जाएं लेकिन हम जबरन किसी का अधिग्रहण नहीं करते। भारत ने तलवार के बल पर किसी पर भी शासन नहीं किया। भगवान राम इसके साक्षात उदाहरण है। लंका विजय के बाद भगवान राम विभीषण को स्वर्णमई लंका का राजा बनकर अयोध्या लौट आए थे। भगवान राम ने लक्ष्मण से कहा कि जन्म देने वाली मां और जन्मभूमि से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। भारत की परंपरा से निकला बौद्ध परंपरा सनातन का ही हिस्सा है। राजकुमार सिद्धार्थ का बचपन इसी सिद्धार्थनगर और लुंबिनी में व्यतीत हुआ। यही वह क्षेत्र है, जहां ज्ञान प्राप्त करने के बाद महात्मा बुद्ध और गौतम बुद्ध के रूप में उनकी ख्याति हुई। उन्होंने अपनी कर्म साधना और शिक्षा से पूरी दुनिया को रास्ता दिखाया। दुनिया के अंदर उनके अनुयायियों ने बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया। बौद्ध धर्म और भगवान बुद्ध ने तलवार के बल पर लोगों को अपना अनुयाई नहीं बनाया बल्कि करुणा और मैत्री के संदेश के माध्यम से दुनिया की अपनी तरफ आकर्षित किया। आज दुनिया में बड़े-बड़े देश भगवान बुद्ध के प्रति अपने समर्पण का भाव रखते हैं। भारत की ज्ञान परंपरा दुनिया को मार्ग दिखाने का काम करती है। विज्ञान और धर्म का संबंध जीवन को कल्याणकारी बनाता है। 2014 से पहले भारत को पहचान का संकट था। पहले की सरकारें अपनी विरासत, राम और कृष्ण की परंपरा पर विश्वास नहीं करती थी, वे ज्ञान की परंपरा को कोसते थे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने विरासत और विकास के बेहतर संबंध के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाने का काम किया है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होता है। काशी में काशी विश्वनाथ का भव्य स्वरूप और प्रयागराज में भव्य महाकुंभ का दर्शन देश और दुनिया को होता है। मथुरा और वृंदावन सज और संवर रह रही है। मठ और मंदिर में एक नई उज्जवल भविष्य और आशा भरी विरासत की परंपरा पूरे देश में जागृत हो रही है। हमें वेदों की तरफ जाना होगा। उपनिषद ज्ञान के अकूत भंडार हैं। विज्ञान जहां पहुंच नहीं पाया वहां उपनिषद उनका मार्गदर्शन कर सकते हैं। विद्यालय राष्ट्रीयता और संस्कारों से ओत-प्रोत होने चाहिए। अपनी मातृभूमि की परंपरा का पालन करने वाले हों। भाषा का विभेद न हो अपनी संस्कृति से विचलन नहीं होना चाहिए।

प्रदेश सरकार में परिषदीय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार दिए
जिले के प्रभारी व श्रम व सेवायोजन विभाग के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रदेश सरकार कायाकल्प योजना के तहत पूरे प्रदेश को सजाने व संवारने में जुटी हुई है। परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। जिससे गरीब व मजदूर तबके के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में खासा लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता 

मिलकर काम करने से वैश्विक स्तर पर पहुंच सकती है बौद्ध धर्म व सनातन संस्कृति
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कविता शाह ने कहा कि बौद्ध धर्म और सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहुंचने के लिए दोनों धर्म के विद्वानों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन शिवपति पीजी कॉलेज, शोहरतगढ़ के प्राचार्य डॉ. अरविंद सिंह ने किया।

कार्यक्रम के दौरान मंचासीन अतिथिगण 

ये रहे उपस्थित
इस दौरान कार्यक्रम के संयोजक व पूर्व विधायक डुमरियागंज राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिला प्रभारी (संगठन) हरिचरण कुशवाहा, सदर विधायक श्याम धनी राही, पूर्व मंत्री व बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, गौसेवा आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, बढ़नी चेयरमैन सुनील अग्रहरि, हियुवा पूर्व जिला उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, उपेंद्र सिंह, नौगढ़ नगरपालिका चेयरमैन गोविंद माधव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना चौधरी, राजा योगेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा, पूर्व भाजयुमो जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही, निदेशकद्वय प्रवीण पांडेय, प्रदीप सिंह, विनीत कमलापुरी, प्रदीप कमलापुरी आदि उपस्थित रहे।

सीएम के आगमन से पूर्व कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते एडीजी, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम व एसपी

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन से पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर डॉ. केएस प्रताप कुमार ने बस्ती कमिश्नर अखिलेश कुमार सिंह, डीआईजी दिनेश कुमार पी के साथ हेलीपैड व कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। ड्यूटी पर लगाये गये अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस दौरान डीएम डॉ. राजा गणपति आर, एसपी डॉ. अभिषेक महाजन, एडीएम गौरव कुमार श्रीवास्तव, एडिशनल एसपी सिद्धार्थ आदि मौजूद रहे।

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